सियासत

कांग्रेस, भाजपा और आप
सब आस्तीन के साँप,
आश्वासन है कि होगा विकास
यह तो बस सियासत का खेल है साहब।

सत्ता में रहकर खूब लूटा कांग्रेस ने भी देश को,
अब आरोप लगाने बैठे है
जैसे बदलेंगे ये सियासी परिवेश को।

आप भी अनोखी है,
पहले पूर्ण बहुमत चाइए
बदलाव की शुरआत को,
फिर मिल जाए तो बस कोसेंगे ये देश के प्रधान को।

गुट बने इन्हीं दलों से
तो कैसे मान ले इन्हें, हटके लीक से?

भाजपा की लहर आयी
जैसे नई उमंग लाई,
पर परिणाम अब भी वहीं हैं
देश के हालात अब भी दुःखमयी हैं।

कांग्रेस, भाजपा और आप
सब आस्तीन के साँप,
आश्वासन है कि होगा विकास
यह तो बस सियासत का खेल है साहब।

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